नई दिल्ली। किफायती एयरलाइन SpiceJet की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। कंपनी के पायलट, इंजीनियर, ग्राउंड स्टाफ, सिक्योरिटी और केबिन क्रू समेत कई कर्मचारियों को मार्च से सैलरी नहीं मिली** है। अब एयरलाइन अपने ऑपरेशन बचाने के लिए सरकार से इमरजेंसी फंडिंग की गुहार लगा रही है।
₹1,500 करोड़ के लोन की मांग
SpiceJet सरकार की Emergency Credit Line Guarantee Scheme (ECLGS) के तहत मदद मांग रही है। कंपनी ₹1,500 करोड़ तक का लोन हासिल करना चाहती है, ताकि ऑपरेशन स्थिर किए जा सकें और बढ़ती देनदारियों से निपटा जा सके।
कितना गहरा है संकट?
एयरलाइन की हालत के आंकड़े चिंताजनक हैं:
- कंपनी के पास अब सिर्फ 21 विमान बचे हैं
- इस साल कंपनी का शेयर करीब 60% गिर चुका है
- मई में सिर्फ 3,053 उड़ानें भरीं, जो जनवरी की 4,494 उड़ानों से काफी कम हैं
- कम से कम दो leasing कंपनियों ने इस साल payment default के नोटिस भेजे हैं
आगे क्या?
एक समय भारतीय आसमान में मजबूत पकड़ रखने वाली SpiceJet लंबे समय से वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही है। घटता बेड़ा, गिरता शेयर और रुकी हुई सैलरी कंपनी के सामने बड़ी चुनौती हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि क्या सरकारी लोन से एयरलाइन को राहत मिल पाती है, या संकट और गहराता है।
Sources: Business Standard | ETV Bharat

