मुंबई। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) मुंबई पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 23 जून को मुंबई में मानसून के आगमन (onset) का आधिकारिक ऐलान किया, जिससे पश्चिमी भारत में करीब दो हफ्ते से रुकी मानसून की रफ्तार को फिर गति मिली है। हालांकि राहत के साथ एक चिंता की खबर भी है — जून 2026 बीते 146 साल का सबसे सूखा जून** साबित होने की ओर बढ़ रहा है।
2 हफ्ते की देरी से आया मानसून
महाराष्ट्र में इस बार मानसून के आगमन में काफी देरी हुई। आमतौर पर तय समय से करीब दो हफ्ते की देरी के बाद यह मुंबई पहुंचा। IMD के मुताबिक अब मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले 24 से 48 घंटों में महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश तेज होगी। मुंबई, पुणे और नागपुर में भारी बारिश का अनुमान है।
146 साल का सबसे सूखा जून
राहत की बारिश के बावजूद आंकड़े डराने वाले हैं। जून 2026 बीते एक सदी से ज्यादा (146 साल) में सबसे सूखे जून में शुमार हो रहा है, जहां बारिश की कमी बड़े सूखे वाले सालों जैसे स्तर तक पहुंच गई है। अकेले महाराष्ट्र में अब तक 85% कम बारिश दर्ज की गई है, जो खेती और जलाशयों के लिए बड़ी चिंता है।
मुंबई में Yellow Alert
IMD ने मुंबई के लिए 24 जून तक Yellow Alert जारी रखा है और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया है। मानसून की यह बारिश शहर के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि मुंबई के जलाशयों में पानी का भंडार खतरनाक रूप से नीचे गिर गया था।
किसानों और शहरों के लिए अहम
देर से आए मानसून ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि खरीफ की बुवाई बारिश पर निर्भर है। अब बारिश तेज होने से बुवाई को रफ्तार मिलेगी। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की दिक्कत भी आ सकती है, इसलिए लोग मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखें।

