मुंबई। लगातार तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। BSE Sensex 893 अंक (1.16%) टूटकर 76,200.68 पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty 278 अंक (1.16%) गिरकर 23,824.10 पर आ गया। यह जून महीने की सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट** रही। कमजोर आर्थिक आंकड़ों, IT और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली और प्रॉफिट बुकिंग ने मिलकर बाजार का मूड बिगाड़ दिया।
IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव IT और मेटल सेक्टर पर रहा। Nifty Metal इंडेक्स 3.2% और Nifty IT इंडेक्स करीब 2.2% तक लुढ़क गया। IT शेयरों में गिरावट की बड़ी वजह Accenture के कमजोर आउटलुक के बाद Jefferies और Morgan Stanley द्वारा सेक्टर में मांग कमजोर रहने के संकेत देना रहा। साथ ही US फेड की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका ने भी IT शेयरों पर दबाव डाला।
कमजोर PMI से बढ़ी चिंता
बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर आर्थिक आंकड़ों ने भी झटका दिया। HSBC का फ्लैश इंडिया कंपोजिट PMI जून में गिरकर 57.4 पर आ गया, जो मई में 59.3 था। यह आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ने का संकेत है, जिससे निवेशक सतर्क हो गए।
तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग
गिरावट से पहले Sensex और Nifty पिछले 7 में से 6 सत्रों में तेजी दिखा चुके थे। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (profit booking) की, जिससे बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। ग्लोबल बाजारों में सतर्कता और एशियाई बाजारों की कमजोरी ने भी असर डाला।
मानसून की चिंता भी हावी
इसके अलावा कमजोर मानसून को लेकर चिंता ने भी निवेशकों के मूड पर असर डाला। जानकारों का कहना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना चाहिए। (निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)

