Fri. Jul 3rd, 2026

Wimbledon 2026: सिंगल्स में लगातार दूसरे साल कोई भारतीय नहीं, डबल्स में युकी-बालाजी से उम्मीद

Wimbledon 2026: सिंगल्स में लगातार दूसरे साल कोई भारतीय नहीं, डबल्स में युकी-बालाजी से उम्मीद
Breaking News

लंदन. टेनिस के सबसे प्रतिष्ठित ग्रैंडस्लैम Wimbledon 2026 में भारत के लिए निराशाजनक तस्वीर है — लगातार दूसरे साल किसी भी भारतीय खिलाड़ी की पुरुष या महिला सिंगल्स में एंट्री नहीं हुई, न मेन ड्रॉ में और न क्वालिफाइंग में। भारत के टॉप रैंक पुरुष खिलाड़ी सुमित नागल रैंकिंग में फिसलकर टॉप-250 से बाहर हो गए हैं और क्वालिफाइंग कट-ऑफ से काफी पीछे रह गए। हालांकि डबल्स** में भारत की उम्मीदें अब भी जिंदा हैं।

डबल्स में भारत की उम्मीद

  • युकी भांबरी — भारत के टॉप डबल्स खिलाड़ी, इस बार भारतीय चुनौती की अगुवाई कर रहे हैं।
  • एन. श्रीराम बालाजी — क्वालिफाइंग शुरू होते ही करियर की सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड नंबर 59 (डबल्स) रैंकिंग पर पहुंचे; इस सीजन रोलां गैरो में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे।

सिंगल्स के सूखे के बीच डबल्स ड्रॉ ही अब भारतीय तिरंगे की मौजूदगी बनाए हुए है।

बड़े नामों की जंग

  • यानिक सिनर (गत चैंपियन) ने अपने खिताब का बचाव पहले राउंड में मुश्किल से शुरू किया — मियोमिर केकमानोविच के खिलाफ 5 सेटों तक चले मुकाबले में जीत दर्ज की, फिर दूसरे राउंड में नुनो बोर्जेस से भिड़े।
  • 2023 और 2024 के चैंपियन कार्लोस अल्काराज इस बार कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हैं — जो ड्रॉ को खुला बना देता है।

भारतीय टेनिस के लिए सबक

लगातार दूसरे साल सिंगल्स में भारतीय चेहरे का न होना भारतीय टेनिस के लिए चिंता का विषय है। सानिया मिर्जा और लिएंडर पेस जैसे सितारों के दौर के बाद सिंगल्स में नई पीढ़ी का उभार धीमा रहा है। डबल्स में भारत की मजबूत परंपरा जरूर उम्मीद जगाती है, पर सिंगल्स में वापसी के लिए युवा खिलाड़ियों को लंबी छलांग लगानी होगी।

Sources: The Videshi | Olympics.com

By Nilesh

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *