पुणे. महाराष्ट्र के लोनावला के पास लोहागढ़ किले पर 18 जून 2026 को हुई कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत, जिसे शुरू में एक हादसा माना जा रहा था, अब पुलिस के मुताबिक एक कथित सुनियोजित हत्या निकली है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत* में भेजा है। (नोट: मामला अदालत में विचाराधीन है, सभी आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं।)
रईस परिवार, फरवरी में सगाई, नवंबर में शादी तय थी
पुलिस के अनुसार केतन अग्रवाल एक संपन्न परिवार से रियल एस्टेट कारोबारी थे। सिया और केतन की फरवरी 2026 में सगाई हुई थी और इस साल नवंबर में राजस्थान में भव्य शादी होनी तय थी। किले पर मौत के वक्त इसे ऊंचाई से गिरकर हुआ हादसा समझा गया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी बदल गई।
पुलिस का दावा: महीनों की साजिश, हथियार से परहेज
पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर करीब सात महीने तक इस वारदात की साजिश रची। जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने जानबूझकर किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया, ताकि खून या फॉरेंसिक सबूत न छूटें — और केतन को किले से धक्का देकर इसे ‘हादसा’ दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस का यह भी दावा है कि दोनों ने फोन चैट में कोड वर्ड्स का इस्तेमाल किया।
‘राजा रघुवंशी केस’ का कथित कनेक्शन
जांच में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस के अनुसार सिया ने कथित तौर पर हाई-प्रोफाइल राजा रघुवंशी हत्याकांड के ब्योरे इंटरनेट पर खंगाले थे — यह समझने के लिए कि ऐसे अपराध कैसे होते हैं और पकड़े जाने से कैसे बचा जाए। पुलिस का दावा है कि उसने यह भी सर्च किया कि पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव होता है और महिला कैदियों के क्या कानूनी अधिकार हैं।
मोबाइल डेटा से खुली गुत्थी
पुलिस के मुताबिक इस केस में असली सुराग तब मिला जब जांचकर्ताओं ने मोबाइल डेटा, डिलीट की गई चैट्स, लोकेशन रिकॉर्ड और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री का विश्लेषण किया, जिसके बाद शक की सुई आरोपियों की ओर मुड़ी। दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज है। फिलहाल केस विचाराधीन है और आगे की जांच जारी है।
Sources: DNA India | Sunday Guardian

