पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में नया अपडेट सामने आया है। पुणे की एक अदालत ने आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ (लाई-डिटेक्टर) टेस्ट कराने की पुलिस की मांग खारिज कर दी है। दोनों आरोपियों ने खुद टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था, और कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी की सहमति के बिना यह टेस्ट कानूनी रूप से नहीं कराया जा सकता।* (नोट: मामला विचाराधीन है, सभी बातें पुलिस जांच और अदालती कार्यवाही पर आधारित हैं।)
16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत
अदालत ने दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में रखते हुए यरवडा जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक जांच में उन्हें आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया डेटा और कोड वर्ड वाली चैट्स बरामद हुई हैं, जो कथित साजिश की ओर इशारा करती हैं।
बीड का युवक भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार जांच में एक नया एंगल जुड़ा है। पुलिस को शक है कि सिया और चेतन ने केतन को कथित तौर पर रास्ते से हटाने की योजना पर बीड (महाराष्ट्र) के एक युवक से भी चर्चा की थी और 18 जून को उसे लोहागढ़ किले साथ चलने का न्योता भी दिया था — उसी दिन कथित तौर पर केतन को खाई में धकेला गया। पुलिस अब इस युवक से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक क्या था मकसद
पुलिस का दावा है कि सिया कथित तौर पर परिवार के दबाव में केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और इसी वजह से उसने अपने कथित प्रेमी चेतन के साथ मिलकर साजिश रची। जांच अधिकारियों का यह भी कहना है कि आरोपियों ने कथित तौर पर राजा रघुवंशी हत्याकांड का अध्ययन कर ‘गलतियों से सीखने’ की कोशिश की थी। फिलहाल केस की जांच जारी है और आगे और खुलासे संभव हैं।
Sources: Free Press Journal | DNA India

