नई दिल्ली. जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का अनिश्चितकालीन धरना करीब 21वें दिन में पहुंच गया है, और अब सेहत को लेकर चिंता गहराने लगी है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET 2026 पेपर लीक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे* की मांग को लेकर आंदोलन जारी है, पर अब तक कोई हल नहीं निकला है। (नोट: यह रिपोर्ट प्रदर्शनकारियों के दावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
वांगचुक का ब्लड शुगर गिरकर 60 पर
आंदोलन के साथ एकजुटता में भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत अब 13वें दिन और बिगड़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका ब्लड शुगर गिरकर करीब 60 पर पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही मेडिकल मदद देनी पड़ी। इससे पहले उनका 7 किलो से ज्यादा वजन घट चुका है। समर्थकों और डॉक्टरों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
आंदोलन बेंगलुरु-हैदराबाद-लखनऊ तक फैला
जंतर-मंतर पर सैकड़ों छात्र और कार्यकर्ता थाली बजाकर और नारे लगाकर शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा — बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ समेत कई शहरों में भी इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इस बीच एक AISA सदस्य को बिगड़ती तबीयत के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
डिपके का ‘चाय पे चर्चा विद कॉकरोच’
आंदोलन को जीवंत और चर्चा-केंद्रित बनाए रखने के लिए CJP संस्थापक अभिजीत डिपके ने ‘चाय पे चर्चा विद कॉकरोच’ नाम की पहल शुरू की है, जिसमें छात्रों और आम लोगों से शिक्षा व्यवस्था पर संवाद किया जा रहा है। डिपके का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से मांगों पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Sources: Outlook India | The Tribune

