नई दिल्ली. देश के उत्तर और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून कहर बनकर टूटा है। बीते वीकेंड (18-19 जुलाई) की भारी बारिश से आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है। कई सड़कें बह गईं, गांव जलमग्न हो गए और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में IMD ने आज 21 जुलाई तक रेड अलर्ट** जारी रखा है।
कहां-कहां हुई तबाही
- जम्मू-कश्मीर: पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में भूस्खलन/बाढ़ से 15 लोगों की मौत — सबसे ज्यादा नुकसान यहीं
- नागालैंड: भूस्खलन में 9 लोगों की जान गई
- असम: बाढ़ में 1 मौत
- कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त, संपर्क कटा, राहत-बचाव जारी
हिमाचल में रेड अलर्ट, फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी से बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट 20-21 जुलाई के लिए बढ़ाया है। IMD वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के मुताबिक:
- फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और खराब विजिबिलिटी का बढ़ा खतरा
- नदी-नालों के पास न जाने की चेतावनी
- J&K, उत्तराखंड, UP, बिहार, असम और मेघालय में भी 21 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान
प्रशासन की अपील और अर्थव्यवस्था का पहलू
प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान घरों में रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी मानने की अपील की है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
हालांकि तबाही की दूसरी तरफ एक राहत भरा पहलू भी है — अच्छी और व्यापक मानसूनी बारिश अर्थव्यवस्था के लिए वरदान मानी जाती है। यह जलाशयों को भरती है, खरीफ की बुवाई के लिए मिट्टी तैयार करती है और भूजल स्तर को रिचार्ज करती है। लेकिन फिलहाल पहाड़ी राज्यों के लिए अगले कुछ दिन बेहद सतर्कता वाले हैं।
Sources: The Watchers | Republic World | New Kerala

