पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में कल, 29 जुलाई का दिन अहम है। मुख्य आरोपी सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) की मौजूदा न्यायिक हिरासत की मियाद कल पूरी हो रही है, और दोनों को अदालत के सामने पेश किया जाना है। सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि पुलिस चार्जशीट दाखिल** करती है या हिरासत बढ़ाने की मांग करती है — और क्या बचाव पक्ष जमानत अर्जी दाखिल करता है।
कल की पेशी: तीन बड़े सवाल
29 जुलाई की पेशी से केस की दिशा काफी हद तक साफ हो सकती है:
1. चार्जशीट — पुलिस दाखिल करने के कितने करीब है? (कानूनन गिरफ्तारी से 90 दिन के भीतर जरूरी)
2. हिरासत — आगे बढ़ती है या नहीं
3. जमानत — बचाव पक्ष की संभावित अर्जी और उस पर अदालत का रुख
पुलिस का दारोमदार: डिजिटल-फॉरेंसिक सबूत
चूंकि केस में कोई चश्मदीद गवाह या वारदात का सीधा वीडियो फुटेज नहीं है, पुलिस का पूरा फोकस डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों पर है:
- कॉल रिकॉर्ड, WhatsApp/Snapchat चैट, कथित कोड वर्ड
- मोबाइल लोकेशन डेटा, CCTV फुटेज और पैसों के लेनदेन (मनी-ट्रेल)
- चेतन के साथ किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन से जुटाए इनपुट
पुलिस चार्जशीट में कोई कानूनी चूक नहीं चाहती, ताकि सीधे सबूतों की कमी में भी केस अदालत में टिक सके।
अब तक की जांच के अहम बिंदु
- पुलिस के मुताबिक यह कथित सुनियोजित हत्या थी (कथित तौर पर पहले घायल करने, फिर सुपारी, आखिर में वारदात की साजिश)
- जांच में सामने आया कि वारदात में सिया-चेतन के अलावा कोई तीसरा सीधे तौर पर शामिल नहीं था
- कथित ‘गुपचुप शादी’ का दावा खाटू श्याम मंदिर के CCTV में सत्यापित नहीं हुआ
- केतन के पिता फास्ट-ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग PM तक पहुंचा चुके हैं
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी दावे पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; कोई भी आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।)
Sources: Patrika | AajTak — Siya Goyal

