नई दिल्ली. सावन (श्रावण) मास की शुरुआत के बाद अब भक्तों को उस दिन का इंतजार है, जो इस पूरे महीने का सबसे खास होता है — सावन का पहला सोमवार, जो इस बार 3 अगस्त 2026 (सोमवार)** को पड़ रहा है। भगवान शिव की भक्ति के इस महीने में सोमवार का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
इस साल कब-कब हैं सावन सोमवार
इस बार सावन में 4 सोमवार पड़ रहे हैं:
| सावन सोमवार | तारीख |
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| पहला | 3 अगस्त |
| दूसरा | 10 अगस्त |
| तीसरा | 17 अगस्त (नाग पंचमी भी) |
| चौथा | 24 अगस्त |
सावन सोमवार व्रत की विधि
- प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ (हो सके तो सफेद) वस्त्र धारण करें
- घर के मंदिर या शिवालय में शिवलिंग का जलाभिषेक करें
- शिवलिंग पर जल, कच्चा दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित करें
- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा और सावन सोमवार व्रत कथा पढ़ें
- दिनभर उपवास रखें (फलाहार), शाम को शिव पूजा के बाद पारण करें
- कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना से भी यह व्रत रखती हैं
जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का महत्व
सावन सोमवार पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं, और ‘बोल बम’, ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजते हैं। कांवड़िए भी गंगाजल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं।
तैयारी और सावधानी
पहले सावन सोमवार पर मंदिरों में भारी भीड़ की संभावना है, इसलिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन विशेष इंतजाम करते हैं। श्रद्धालुओं को सलाह है कि भीड़ में धैर्य रखें, बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान रखें, और व्रत के दौरान पानी/फलाहार लेते रहें ताकि सेहत बनी रहे। सावन का यह पावन महीना भक्ति के साथ-साथ संयम, सात्विक जीवनशैली और आत्मशुद्धि का भी संदेश देता है।
(यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। व्रत/पूजा की तारीखें क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।)
Sources: International News and Views | Drik Panchang

