मुंबई. शेयर बाजार और आम आदमी, दोनों की नजर कल आने वाले रिजर्व बैंक (RBI) के बड़े फैसले पर टिकी है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक जारी है और इसका फैसला कल, 5 अगस्त को आएगा। ज्यादातर जानकारों का अनुमान है कि RBI इस बार भी रेपो रेट 5.25% पर बरकरार** रख सकता है। यह दर जून 2026 से इसी स्तर पर बनी हुई है।
क्यों टिकी है सबकी नजर
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है — इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और EMI पर पड़ता है:
- दर बरकरार रहने पर EMI में कोई बदलाव नहीं
- दर घटने पर कर्ज सस्ता होता, EMI घटती
- दर बढ़ने पर कर्ज महंगा होता
इसलिए हर घर और हर कारोबार के लिए यह फैसला अहम है।
महंगाई और कच्चा तेल: RBI की चिंता
जानकारों के मुताबिक RBI इस बार सतर्क और आंकड़ों पर आधारित रुख अपना सकता है:
- महंगाई 4% के लक्ष्य से ऊपर जा चुकी है, पर अंतर्निहित (core) महंगाई अब भी काबू में
- मानसून और मौसमी असर से खाद्य कीमतें बढ़ने लगी हैं
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US-Iran/वैश्विक तनाव भी जोखिम
- SBI रिसर्च समेत कई विशेषज्ञों का अनुमान — दर में बदलाव नहीं
बड़ी तस्वीर: मजबूत आधार, सतर्क कदम
घरेलू अर्थव्यवस्था के संकेत मजबूत हैं — जुलाई में रिकॉर्ड GST कलेक्शन (₹2.11 लाख करोड़) और जोरदार ऑटो बिक्री इसकी मिसाल हैं। ऐसे में RBI ग्रोथ को सहारा देने और महंगाई पर काबू रखने के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगा। जानकारों के मुताबिक जब तक महंगाई का जोखिम ज्यादा गंभीर नहीं होता, RBI जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगा।
कल का फैसला और गवर्नर की टिप्पणी तय करेगी कि आने वाले महीनों में कर्ज सस्ता होगा या महंगा — इसीलिए हर निवेशक, कारोबारी और लोन लेने वाले की नजर इस पर है।
(यह जानकारी बाजार रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है, निवेश सलाह नहीं।)
Sources: Business Standard | Business Today | Goodreturns

