नई दिल्ली. मानसून की भारी बारिश देश के कई हिस्सों में कहर बनकर टूटी है। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 89 पहुंच गई है और करीब 1.22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। उधर केरल में मानसूनी तबाही से 25 लोगों की मौत हो चुकी है। अल जजीरा के मुताबिक जुलाई से अब तक देशभर में मानसून से जुड़ी घटनाओं में 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। IMD ने असम में रेड अलर्ट** जारी रखा है।
असम: 5 जिलों में हालात गंभीर
- बुधवार (5 अगस्त) को असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी
- करीब 1.22 लाख लोग पांच जिलों में प्रभावित
- 17,000 से ज्यादा विस्थापित लोग 55 राहत शिविरों में
- गोलाघाट जिले में धनसिरी नदी खतरे के निशान से ऊपर
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा प्रभावित इलाकों के दौरे पर
केरल: 25 की मौत, राहत पैकेज का ऐलान
- केरल में बाढ़ से 25 की मौत, 4 लापता, 18,000 से ज्यादा विस्थापित
- 418 राहत शिविर बनाए गए
- केरल सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत का ऐलान किया — तत्काल ₹10,000 प्रति परिवार और पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों के लिए ₹6 लाख मुआवजा
- तटीय कर्नाटक भी मानसूनी कहर की चपेट में
IMD की चेतावनी: और भारी बारिश
मौसम विभाग ने राहत के बजाय और सतर्कता की चेतावनी दी है:
- असम के कई हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान, कुछ जगह 204.5 मिमी से ज्यादा ‘अत्यधिक भारी’ बारिश संभव
- असम में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी
- हिमाचल, J&K, लद्दाख और उत्तराखंड में भी संतृप्त मिट्टी के चलते फ्लैश फ्लड का खतरा
सतर्कता और राहत जारी
प्रशासन और NDRF/SDRF की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं। लोगों से अपील है कि नदी-नालों से दूर रहें, प्रशासन की एडवाइजरी मानें और गैर-जरूरी यात्रा टालें। मानसून का यह कहर एक ओर जान-माल का बड़ा नुकसान कर रहा है, तो दूसरी ओर लाखों लोगों का जनजीवन ठप है। अगले कुछ दिन असम और पूर्वोत्तर के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। सरकार और राहत एजेंसियां हालात पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
(मृतकों/प्रभावितों के आंकड़े अलग-अलग रिपोर्ट्स में भिन्न हो सकते हैं और अपडेट हो रहे हैं; यहां दिए आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।)
Sources: The News Mill | Al Jazeera | The Federal

