धर्म डेस्क. सावन मास का सबसे बड़ा पर्व सावन शिवरात्रि आज, 11 अगस्त 2026 (मंगलवार)** को मनाया जा रहा है। शिव भक्तों के लिए यह दिन बेहद खास है — मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और कांवड़ियों की यात्रा अपने चरम पर होती है। मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। आइए जानें आज पूजा और जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त।
तिथि और मुख्य मुहूर्त
- कृष्ण चतुर्दशी तिथि: आज सुबह 04:54 बजे से शुरू होकर 12 अगस्त की रात 01:52 बजे तक
- निशिता काल पूजा मुहूर्त: रात 12:05 से 12:48 बजे तक (11-12 अगस्त की मध्यरात्रि) — यह सबसे शुभ समय माना जाता है
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:53 तक
- व्रत पारण: 12 अगस्त को सुबह 05:49 बजे के बाद
चार प्रहर की पूजा का समय
शिवरात्रि पर रातभर चार प्रहर में पूजा का विशेष महत्व है:
- प्रथम प्रहर: शाम 07:04 से रात 09:45 बजे तक
- द्वितीय प्रहर: रात 09:45 से 12:26 बजे तक
- तृतीय प्रहर: रात 12:26 से 03:07 बजे तक (12 अगस्त)
- चतुर्थ प्रहर: रात 03:07 से सुबह 05:49 बजे तक (12 अगस्त)
जो भक्त रातभर जागरण नहीं कर सकते, वे शाम को प्रथम प्रहर में ही पूजा कर सकते हैं।
पूजा विधि और महत्व
- शिवलिंग पर जल, गंगाजल और दूध से अभिषेक करें
- बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें
- “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
- व्रत रखने वाले भक्त फलाहार करें और अगले दिन पारण करें
मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर सच्चे मन से शिव पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मंदिरों में भीड़ के दौरान भक्तों से अनुशासन और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है।
(यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। मुहूर्त स्थान अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।)
Sources: Amar Ujala | India TV

