नई दिल्ली. भारतीय टेबल टेनिस को बड़ा झटका लगा है। खेल मंत्रालय ने बुधवार (12 अगस्त) को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी। मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल संस्था में गवर्नेंस और प्रशासनिक खामियों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की। यह चार साल में दूसरी बार है जब TTFI की मान्यता निलंबित हुई है। खास बात यह कि यह फैसला एशियन गेम्स से महज पांच हफ्ते पहले** आया है।
क्यों हुई कार्रवाई
मंत्रालय ने अपने पांच पन्नों के आदेश में कई खामियां गिनाईं:
- उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना अधिकारियों की नियुक्ति
- समय पर चुनाव न कराना
- चयन मानदंडों में पारदर्शिता की कमी
- अध्यक्ष मेघना अहलावत और महासचिव कमलेश मेहता के बीच लगातार मतभेद, जिससे फैसले प्रभावित हुए और खिलाड़ियों के हित को नुकसान का खतरा
अब कौन चलाएगा खेल
अंतरिम व्यवस्था के तहत:
- भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) अब खेल का संचालन करेगा
- IOA, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) के साथ मिलकर एक नियामक तंत्र और एड-हॉक कमेटी बनाएगा
- यह व्यवस्था तब तक रहेगी जब तक TTFI एक नियम-सम्मत गवर्नेंस ढांचा नहीं बना लेता
खिलाड़ियों पर असर
इस निलंबन से TTFI को सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता और मान्यता से जुड़े अन्य लाभ बंद हो जाएंगे। सबसे बड़ी चिंता एशियन गेम्स की तैयारियों को लेकर है, जो अब सिर्फ पांच हफ्ते दूर है। हालांकि IOA की दखल से उम्मीद है कि खिलाड़ियों की तैयारी और भागीदारी पर सीधा असर न पड़े। खेल प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के हित को यह कार्रवाई प्राथमिकता देने वाला कदम माना जा रहा है।

