कोलकाता. भारतीय फुटबॉल के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट डूरंड कप में ईस्ट बंगाल ने इतिहास रच दिया। ईस्ट बंगाल ने कोलकाता डर्बी फाइनल में अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान SG को 4-1 से करारी शिकस्त देकर रिकॉर्ड 17वां डूरंड कप खिताब अपने नाम किया। साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक फाइनल में ईस्ट बंगाल ने दमदार प्रदर्शन किया और 22 साल के लंबे इंतजार** को खत्म किया। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान के 17 खिताब के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली।
एडमंड की हैट्रिक का जलवा
इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे एडमंड लालरिनडिका, जिन्होंने फाइनल में हैट्रिक (तीन गोल) दागकर मोहन बागान की रक्षापंक्ति को छिन्न-भिन्न कर दिया। उनकी इस शानदार पारी ने ईस्ट बंगाल को 4-1 की बड़ी जीत दिलाई। कट्टर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ फाइनल में इतनी बड़ी जीत ईस्ट बंगाल के फैंस के लिए किसी सपने के सच होने जैसी रही।
कोलकाता डर्बी का रोमांच
ईस्ट बंगाल और मोहन बागान के बीच का मुकाबला ‘कोलकाता डर्बी’ कहलाता है, जो भारतीय फुटबॉल की सबसे बड़ी और भावनात्मक प्रतिद्वंद्विता है। किसी बड़े खिताब के फाइनल में इन दोनों टीमों का आमना-सामना फैंस के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होता। इस बार यह जंग पूरी तरह ईस्ट बंगाल के नाम रही।
22 साल बाद लौटी खुशी
ईस्ट बंगाल ने आखिरी बार लंबे समय पहले डूरंड कप जीता था, और तब से टीम इस खिताब के लिए तरस रही थी। अब 22 साल बाद यह सूखा खत्म हुआ है। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) अध्यक्ष ने भी ईस्ट बंगाल की इस जीत की सराहना की। यह खिताब टीम और उसके करोड़ों समर्थकों के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है, और आने वाले सीजन के लिए बड़ा हौसला देगा।
Sources: DNA India | Daily Excelsior

