नई दिल्ली। मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को उनके चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है, लेकिन कोर्ट ने इसे “आखिरी मौका”** बताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।
क्या है मामला
- यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 7 चेक बाउंस होने से जुड़ा है।
- दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही राजपाल यादव को दोषी ठहरा चुका है, और हर मामले में 3 महीने की जेल की सजा सुना चुका है।
- मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां राजपाल यादव ने राहत की गुहार लगाई थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को ₹2 करोड़ का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा:
> “इन पर कौन भरोसा करेगा?” — कोर्ट ने उनके पिछले आचरण को भरोसे के लायक नहीं बताया, बावजूद इसके एक और मौका दिया जा रहा है।
कोर्ट ने इसे स्पष्ट रूप से आखिरी अवसर करार दिया है।
अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। अगर राजपाल यादव तय समय में रकम जमा नहीं कर पाते, तो उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक **जेल जाना पड़ सकता है।
बॉलीवुड में हलचल
राजपाल यादव अपनी कॉमेडी फिल्मों — जैसे ‘भूल भुलैया’, ‘हेरा फेरी’ और ‘चुप चुप के’ — के लिए मशहूर रहे हैं। इस कानूनी विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री और फैंस के बीच भी चर्चा छेड़ दी है, कई लोग अभिनेता की मौजूदा आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
आगे क्या
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि राजपाल यादव तय समयसीमा में रकम जमा कर पाते हैं या नहीं। अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहते हैं, तो उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

