नई दिल्ली। मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो गया है, जो बिहार-झारखंड होते हुए उत्तर भारत के कई हिस्सों तक असर दिखा रहा है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के दबाव के चलते देश के करीब 17 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट** जारी किया गया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
किन राज्यों में कैसा असर
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में कई स्थानों पर आज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना, वज्रपात व तेज हवाओं का अलर्ट।
- दिल्ली-NCR: आज शाम से लेकर 26 सितंबर के बीच कभी भी बारिश हो सकती है, मौसम में बदलाव की आशंका।
- झारखंड: जमशेदपुर, बोकारो, दुमका, पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, पलामू, धनबाद, साहिबगंज, हजारीबाग, गिरिडीह और रांची के लिए भारी बारिश-तूफान का अलर्ट।
- उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार में 24 से 26 सितंबर के बीच तूफान संग भारी बारिश की आशंका।
- हिमाचल प्रदेश: 24 सितंबर से मौसम करवट लेगा, अगले छह दिन तक कई हिस्सों में बारिश और 26-27 सितंबर को अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट।
क्यों बना यह मौसमी सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना यह सिस्टम मानसून की विदाई के दौर में बनने वाला विशिष्ट पैटर्न है, जो अक्सर सीजन के आखिर में अचानक भारी बारिश की स्थिति पैदा करता है। इसके साथ उत्तर-पश्चिमी यूपी पर बना चक्रवाती हवाओं का दबाव भी नमी को उत्तर भारत की ओर खींच रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में असर बढ़ गया है।
लोगों के लिए सलाह
IMD ने प्रभावित राज्यों के निवासियों को अनावश्यक यात्रा टालने, वज्रपात के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने, तथा प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करने की सलाह दी है। किसानों को खड़ी फसल को नुकसान से बचाने के लिए भी सतर्क रहने को कहा गया है।
Sources: KhabarFast | DNA India Hindi

