नई दिल्ली.** राष्ट्रीय राजधानी में पानी का संकट गहराता जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक लगभग ₹880 करोड़ की लागत से बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पानी की कमी के कारण बेकार पड़े हैं। हालात से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को पड़ोसी राज्य हरियाणा से यमुना के जरिए अधिक पानी छोड़ने की अपील की है।
संकट की वजह
दिल्ली की पानी की जरूरतें काफी हद तक यमुना नदी और हरियाणा से मिलने वाले पानी पर निर्भर हैं। हाल के दिनों में जल स्तर में गिरावट के कारण राजधानी के कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे बड़ी मात्रा में निवेश कर बनाए गए ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता पर काम नहीं कर पा रहे।
दिल्ली-हरियाणा जल विवाद
दिल्ली और हरियाणा के बीच यमुना के पानी के बंटवारे को लेकर विवाद लंबे समय से चलता रहा है। हर साल गर्मियों और शरद ऋतु में जब जल स्तर घटता है, दिल्ली सरकार को हरियाणा से अतिरिक्त पानी छोड़ने की अपील करनी पड़ती है।
एक और चिंताजनक घटना
इसी बीच शुक्रवार को दिल्ली के वजीराबाद इलाके में सुर घाट के पास यमुना में स्नान करते समय दो महिलाओं के डूबने की खबर भी सामने आई है, जो नदी में जलस्तर और सुरक्षा उपायों को लेकर नई चिंता पैदा करती है।
आगे क्या
दिल्ली सरकार की अपील पर हरियाणा सरकार की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है। आने वाले दिनों में जल बोर्ड की स्थिति और सरकारों के बीच समन्वय पर निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि राजधानी के कई इलाकों में पानी की किल्लत आम लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन गई है।
Sources: LatestLY

