नई दिल्ली.** एलन मस्क की कंपनी Starlink ने दावा किया है कि वह भारत में हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी का कहना है कि उसने पिछले पांच साल रेगुलेटर्स के साथ काम करते हुए भारत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और सभी आवश्यक सरकारी मंजूरियां हासिल कर ली हैं।
अभी क्या बाकी है
Starlink को जून 2025 में भारत के दूरसंचार विभाग (DoT) से 20 साल के लिए वैध Global Mobile Personal Communication by Satellite लाइसेंस मिल चुका है, और स्पेस रेगुलेटर IN-SPACe से भी मंजूरी मिल गई है। हालांकि कमर्शियल सेवा शुरू करने के लिए जरूरी स्पेक्ट्रम असाइनमेंट और फाइनल सिक्योरिटी क्लीयरेंस अभी बाकी हैं — यही वो चरण हैं जिन पर Jio और OneWeb जैसी दूसरी कंपनियां भी अटकी हुई हैं।
मस्क और भारत सरकार में तनातनी
हाल ही में एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ “oligarchs” जानबूझकर Starlink को भारत में रोक रहे हैं ताकि वे भारतीय बाजार पर अपनी “मोनोपॉली” बनाए रख सकें। भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि Starlink, Jio की सैटेलाइट शाखा और Eutelsat OneWeb — तीनों कंपनियां लगभग एक ही रेगुलेटरी स्टेज पर हैं और सभी की सुरक्षा जांच चल रही है।
भारत के लिए क्या मतलब
अगर Starlink को स्पेक्ट्रम और सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिल जाती है, तो यह दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ा बदलाव ला सकता है, जहां फाइबर और मोबाइल टावर नेटवर्क अभी सीमित है। भारत पहले ही 165 देशों में Starlink का लाइसेंस होने की बात मान चुका है, लेकिन भारत में अभी भी अंतिम मंजूरी का इंतजार जारी है।
Sources: Channel iam | Sunday Guardian Live

