वॉशिंगटन/तेहरान। महीनों से चल रही जंग के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। दोनों देशों ने करीब चार महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने और सभी मोर्चों — लेबनान समेत — पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और स्थायी रूप से** रोकने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने यह जानकारी दी, जिन्होंने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता निभाई।
ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ समझौता “अब पूरा हो गया है”। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने Strait of Hormuz में जारी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) खत्म कर दी है।
समझौते में क्या है?
- दोनों देश युद्धविराम को 60 दिन के लिए बढ़ाने पर सहमत
- औपचारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में होगा
- इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी
- Strait of Hormuz दोबारा खुलेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिलेगी
गौरतलब है कि युद्ध से पहले Strait of Hormuz से दुनिया का करीब 20% तेल और LNG गुजरता था।
भारत के लिए बड़ी राहत
यह खबर भारत के लिए बेहद राहत भरी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है और इसका बड़ा रास्ता यही Strait of Hormuz है। नाकेबंदी हटने और हालात सामान्य होने से:
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आएगी
- भारत में महंगाई पर लगाम लगने की उम्मीद
- शेयर बाजार को सहारा मिलेगा, जो पिछले हफ्तों में इसी तनाव से दबाव में था
पिछले दिनों इसी इलाके में एक टैंकर पर हमले में भारतीय नाविकों के लापता होने की खबर ने भी चिंता बढ़ाई थी। अब हालात सुधरने से समुद्री व्यापार भी सुरक्षित होगा।
नोट: यह एक विकसित होती खबर है। समझौते की अंतिम शर्तें 19 जून के हस्ताक्षर समारोह के बाद ही पूरी तरह साफ होंगी।

