Évian (फ्रांस)। दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं का 52वां G7 समिट फ्रांस के Évian-les-Bains में हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। खास बात यह है कि यह लगातार आठवां मौका** है जब भारत को G7 में आमंत्रित किया गया है — जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद का सबूत है।
ग्लोबल साउथ की आवाज बनेंगे मोदी
PM मोदी इस समिट में विकासशील देशों (Global South) की आकांक्षाओं को मजबूती से उठाएंगे। उनके एजेंडे में शामिल हैं:
- विकासशील देशों, खासकर अफ्रीका की चिंताओं को प्राथमिकता
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) समेत वैश्विक संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों को ज्यादा प्रतिनिधित्व
- AI, आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे
समिट में नेता यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल इकोनॉमी जैसे बड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।
मोदी-ट्रंप मुलाकात पर निगाहें
सबसे ज्यादा चर्चा 17 जून को संभावित मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक की है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में भारत-अमेरिका ट्रेड से जुड़े मुद्दे छाए रहेंगे। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कुछ मसलों पर तनाव की खबरें भी रहीं, ऐसे में यह बैठक रिश्तों की दिशा तय कर सकती है।
कौन-कौन से देश बुलाए गए?
मेजबान फ्रांस ने G7 के सदस्य देशों के अलावा कई देशों को विशेष रूप से न्योता दिया है, जिनमें भारत, ब्राजील, केन्या, दक्षिण कोरिया और सीरिया शामिल हैं। यह दिखाता है कि वैश्विक फैसलों में अब विकासशील देशों की भागीदारी कितनी अहम हो गई है।
क्यों अहम है यह समिट?
PM मोदी का यह दौरा भारत की ‘विश्व मित्र’ वाली छवि और ग्लोबल साउथ के नेता के तौर पर उसकी भूमिका को और मजबूत करेगा। यह समिट उनके फ्रांस-स्लोवाकिया यूरोप दौरे का सबसे अहम पड़ाव है।
Sources: Outlook India | NewsBytes

