नई दिल्ली. लंबे इंतजार के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार (2 जुलाई) सुबह दिल्ली पहुंच गया — अपनी सामान्य तारीख 27 जून से करीब 5 दिन की देरी** से। IMD ने राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के आधिकारिक आगमन की पुष्टि की। दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुबह झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में तेज गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली — हालांकि कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी रही।
देशभर में मानसून का असर
- दिल्ली: सुबह की बारिश से पारा गिरा, पर अहम सड़कों पर जलभराव और सुबह के ट्रैफिक की रफ्तार धीमी।
- मुंबई: पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में कुछ ही देर में 90-99mm बारिश, निचले इलाकों में भारी जलभराव, लोकल ट्रेनें और सायन-पनवेल हाईवे पर यातायात प्रभावित।
- कर्नाटक तट: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त।
मंगलुरु में भूस्खलन, 3 की मौत
कर्नाटक के मंगलुरु के नागोरी इलाके में बारिश से हुए भूस्खलन ने एक रिहायशी मकान को तबाह कर दिया, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई — इनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं। भारी बारिश वाले इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
IMD के मुताबिक मानसून की सक्रियता 7 जुलाई तक बनी रहेगी। इस दौरान कई राज्यों में बादल छाए रहेंगे, मध्यम से भारी गरज-चमक वाली बारिश, बिजली और 40-50 km/h की तेज हवाएं चलने का अनुमान है। लोगों को जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
Sources: Outlook India | Business Today

