नई दिल्ली. राजधानी के जंतर-मंतर पर युवाओं के सैटायरिकल आंदोलन Cockroach Janta Party (CJP) का अनिश्चितकालीन धरना जारी है और मंगलवार को यह करीब 19वें दिन में पहुंच गया। 20 जून को शुरू हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET 2026 पेपर लीक व CBSE मूल्यांकन गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे** की मांग के साथ लगातार बना हुआ है। परमिट खत्म होने के बावजूद छात्र फुटपाथ पर रातभर डटे हैं।
वांगचुक की भूख हड़ताल 11वें दिन, सेहत बिगड़ी
आंदोलन को बड़ा सहारा तब मिला जब जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक एकजुटता में जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे। यह हड़ताल अब 11वें दिन में पहुंच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 दिन में उनका करीब 7.3 किलो वजन घट चुका है और ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा है, जिससे समर्थकों में चिंता बढ़ी है। CJP का कहना है कि अगर वांगचुक को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
दिल्ली HC का बड़ा आदेश: X अकाउंट बहाल हो
इस बीच आंदोलन को कानूनी मोर्चे पर राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP का सस्पेंड किया गया X (ट्विटर) अकाउंट बहाल करने का आदेश दिया है। संगठन ने आरोप लगाया था कि आंदोलन की आवाज दबाने के लिए उसका सोशल मीडिया अकाउंट रोका गया। CJP ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर ‘प्रोटेस्ट लाइब्रेरी’ बनाने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ दिल्ली पुलिस ने धक्का-मुक्की की।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
CJP की स्थापना 16 मई 2026 को राजनीतिक रणनीतिकार अभिजीत डिपके ने की थी। संगठन के मुताबिक यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब एक अदालती सुनवाई में कुछ लोगों के लिए ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ — इसी को युवाओं ने अपनी पहचान बना लिया। डिपके का कहना है, “यह कोई राजनीतिक सौदेबाजी नहीं, छात्रों के बुनियादी अधिकारों की लड़ाई है — जवाबदेही तय होने तक हम जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे।” सरकार की ओर से मांगों पर अब तक कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है।
(नोट: यह रिपोर्ट प्रदर्शनकारियों के दावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है; आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।)
Sources: ETV Bharat | Deccan Herald

