नई दिल्ली. राजधानी के जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का अनिश्चितकालीन धरना आज करीब 20वें दिन में पहुंच गया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET 2026 पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे* की मांग के साथ यह प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में छात्र, किसान और सामाजिक कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। (नोट: यह रिपोर्ट प्रदर्शनकारियों के दावों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)
वांगचुक की सेहत बिगड़ी, 7 किलो से ज्यादा वजन घटा
आंदोलन के साथ एकजुटता में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब 12वें दिन में पहुंच गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका 7 किलो से ज्यादा वजन घट चुका है और सेहत लगातार बिगड़ रही है, जिससे समर्थकों और डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। CJP का कहना है कि अगर वांगचुक को कुछ हुआ तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।
एक AISA सदस्य अस्पताल में भर्ती
लंबे धरने और भूख हड़ताल का असर अब प्रदर्शनकारियों की सेहत पर दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार छात्र संगठन AISA का एक सदस्य भी बिगड़ती तबीयत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी परमिट खत्म होने के बाद भी फुटपाथ पर डटे हुए हैं।
वांगचुक बोले — ‘यह कुछ भी नहीं’
अपनी बिगड़ती सेहत पर वांगचुक ने कहा कि उनकी तकलीफें ‘उन 20+ छात्रों और लद्दाख में पिछले सितंबर जान गंवाने वाले 5 युवाओं’ के बलिदान के सामने कुछ भी नहीं हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके का कहना है कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की ओर से मांगों पर अब तक कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है।
Sources: Deccan Herald | ETV Bharat

