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लोहागढ़ केस में बचाव पक्ष का नया दांव: वकील बोले — ‘शुरुआती FIR तो हादसे की थी’; डिजिटल सबूतों पर टिकी पुलिस की चार्जशीट

लोहागढ़ केस में बचाव पक्ष का नया दांव: वकील बोले — ‘शुरुआती FIR तो हादसे की थी’; डिजिटल सबूतों पर टिकी पुलिस की चार्जशीट
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पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में अब कानूनी लड़ाई तेज होती दिख रही है। मुख्य आरोपी सिया गोयल के वकील ने केस को नया मोड़ देने वाला तर्क सामने रखा है — उनके मुताबिक इस मामले की शुरुआती FIR ‘हादसे’ (accident) के तौर पर दर्ज हुई थी**, और बाद में परिवार के शक जताने पर ही जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ी। बचाव पक्ष का इशारा साफ है कि उनके हिसाब से केस अब भी पलट सकता है।

बचाव पक्ष का तर्क

  • वकील का दावा — 18 जून की घटना पहले ट्रेकिंग हादसा मानी गई थी; FIR भी उसी आधार पर दर्ज हुई
  • हत्या का एंगल बाद में पीड़ित परिवार के शक के बाद जुड़ा
  • बचाव पक्ष पहले भी कह चुका है कि केस में न चश्मदीद है, न सीधा वीडियो सबूत — पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका है

(ये तर्क बचाव पक्ष के हैं; अदालत में इनका परीक्षण होना बाकी है।)

पुलिस का पलड़ा: डिजिटल-फॉरेंसिक सबूत

दूसरी ओर पुणे ग्रामीण पुलिस अपने दावे पर कायम है और चार्जशीट बेहद सावधानी से तैयार कर रही है ताकि वह अदालत की कानूनी कसौटी पर टिक सके। पुलिस का पूरा जोर अब डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों पर है:

  • आरोपियों के बीच इस्तेमाल किए गए कथित कोड नेम/कोड वर्ड
  • फोन रिकॉर्ड, डिलीट चैट, लोकेशन डेटा
  • पैसों के लेनदेन की जांच
  • क्राइम-सीन रीक्रिएशन में सामने आया कथित कोड-इशारा

रिपोर्ट्स में यह चिंता भी जताई गई है कि सीधे सबूतों की कमी में कहीं आरोपियों को सोनम रघुवंशी केस की तरह जमानत न मिल जाए — इसीलिए पुलिस हर कड़ी मजबूत करने में जुटी है।

मौजूदा स्थिति

दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं (17 जुलाई को हिरासत 14 दिन और बढ़ी थी, जुलाई-अंत तक)। अब सबकी नजर पुलिस की चार्जशीट (गिरफ्तारी से 90-दिन की समयसीमा) और बचाव पक्ष की संभावित जमानत अर्जी पर है। केतन के पिता फास्ट-ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग PM तक पहुंचा चुके हैं।

(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी दावे-तर्क पुलिस और बचाव पक्ष के हैं; कोई भी आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।)

Sources: Patrika — वकील का बयान | Patrika — चार्जशीट/जमानत

By Nilesh

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