पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में अगला अहम पड़ाव नजदीक है। मुख्य आरोपी सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) की मौजूदा न्यायिक हिरासत की मियाद 29 जुलाई को पूरी** हो रही है। ऐसे में उस दिन दोनों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा, और सबकी नजर इस पर रहेगी कि पुलिस चार्जशीट को लेकर क्या रुख अपनाती है।
चार्जशीट की तैयारी में जुटी पुलिस
- पुणे ग्रामीण पुलिस डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर मजबूत चार्जशीट तैयार करने में जुटी है
- कानूनन गिरफ्तारी से 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है
- चूंकि केस में कोई चश्मदीद या सीधा वीडियो फुटेज नहीं, पूरा दारोमदार कॉल रिकॉर्ड, चैट, कोड वर्ड, लोकेशन डेटा और मनी-ट्रेल पर है
- हाल ही में पुलिस ने चेतन के साथ लोहागढ़ किले पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया और केतन-सिया के बीच पैसों के लेनदेन की जांच भी शुरू की
अब तक की जांच के अहम बिंदु
- पुलिस के मुताबिक यह कथित सुनियोजित हत्या थी — पहले घायल/अपाहिज बनाने, फिर सुपारी और आखिर में खुद वारदात की कथित साजिश
- पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात में सिया-चेतन के अलावा कोई तीसरा सीधे तौर पर शामिल नहीं था
- कथित ‘गुपचुप शादी’ का दावा खाटू श्याम मंदिर के CCTV में सत्यापित नहीं हुआ
- सिया के परिवार की दुकान पर हुई FDA की कार्रवाई एक अलग मामला (खाद्य-सुरक्षा) बताई गई, हत्या जांच से असंबंधित
आगे क्या
29 जुलाई की पेशी से तय होगा कि हिरासत आगे बढ़ती है या पुलिस चार्जशीट दाखिल करने के करीब है। इसके साथ ही बचाव पक्ष की संभावित जमानत अर्जी पर भी नजर रहेगी — बचाव पक्ष पहले ही केस को ‘हादसा’ बताकर और सीधे सबूतों की कमी का हवाला देकर चुनौती दे रहा है। केतन के पिता फास्ट-ट्रैक सुनवाई और फांसी की मांग PM तक पहुंचा चुके हैं।
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी दावे पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; कोई भी आरोप अभी अदालत में सिद्ध नहीं हुआ है।)
Sources: Times Now Navbharat | AajTak — Siya Goyal

