पुणे. लोहागढ़ किले पर कारोबारी केतन अग्रवाल (25) की मौत के मामले में पुलिस जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने आरोपी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले पर ले जाकर क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया — ताकि आरोपियों के बयानों और घटनाक्रम की कड़ियां मिलाई जा सकें। इसके साथ ही अब पुलिस केतन और सिया गोयल के बीच पैसों के लेनदेन** की जांच पर भी ध्यान दे रही है।
क्राइम सीन रीक्रिएशन: क्यों अहम
- पुलिस ने चेतन के साथ मौके पर जाकर घटना का सिलसिला दोहराया
- मकसद — यह जांचना कि आरोपियों के बयान घटनास्थल की स्थिति से मेल खाते हैं या नहीं
- कथित तौर पर सिया के कोड-इशारे पर चेतन द्वारा केतन को खाई में धक्का देने की थ्योरी की पड़ताल
- चूंकि केस में चश्मदीद और सीधा फुटेज नहीं, रीक्रिएशन जैसे कदम सबूतों की कड़ी मजबूत करने के लिए उठाए जा रहे हैं
अब पैसों के लेनदेन पर फोकस
पुलिस जांच का एक नया पहलू आर्थिक कड़ी है:
- केतन और सिया के बीच पैसों के लेनदेन की पड़ताल
- यह देखा जा रहा है कि क्या आर्थिक कारण भी वारदात के पीछे किसी भूमिका में रहे
- डिजिटल-फॉरेंसिक सबूतों (कॉल/चैट/कोड वर्ड/लोकेशन/मनी-ट्रेल) पर पुलिस का पूरा दारोमदार है
(ये सभी जानकारियां पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं; इनका परीक्षण अदालत में होना बाकी है।)
मौजूदा स्थिति
- दोनों आरोपी — सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) — फिलहाल 29 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं
- पुलिस जांच में पहले सामने आया कि वारदात में इन दोनों के अलावा कोई तीसरा सीधे तौर पर शामिल नहीं था
- कथित ‘गुपचुप शादी’ का दावा खाटू श्याम मंदिर के CCTV में सत्यापित नहीं हुआ
- पुलिस चार्जशीट सावधानी से तैयार कर रही है ताकि वह अदालत की कसौटी पर टिक सके
(मामला अदालत में विचाराधीन है। सभी आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं; दोष सिद्ध होना बाकी है।)
Sources: Times Now Navbharat | AajTak — Siya Goyal

