नई दिल्ली. डेंगू के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक बड़ा मुकाम हासिल हुआ है। सरकार ने देश की पहली डेंगू वैक्सीन ‘QDENGA’ (TAK-003) को मंजूरी** दे दी है। यह मच्छर जनित इस खतरनाक बीमारी से बचाव की दिशा में अहम कदम है — खासकर ऐसे समय जब मानसून के साथ देशभर में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
QDENGA वैक्सीन की खास बातें
- यह दो-डोज वाली टेट्रावेलेंट (चार सीरोटाइप पर असरदार) वैक्सीन है
- 4 से 60 साल तक के लोगों के लिए मंजूरी मिली है
- गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभाव की समीक्षा के बाद अनुमति दी गई
- यह वैक्सीन WHO से प्रीक्वालिफाइड है और 42 देशों में 2.4 करोड़ से ज्यादा डोज दी जा चुकी हैं, बिना किसी बड़ी सुरक्षा चिंता के
- इसे बनाने वाली Takeda ने भारत में स्थानीय उत्पादन के लिए हैदराबाद की Biological E के साथ साझेदारी की है
स्वदेशी वैक्सीन ‘DengiAll’ भी तैयारी में
QDENGA के अलावा भारत की अपनी स्वदेशी सिंगल-डोज डेंगू वैक्सीन ‘DengiAll’ भी विकास के अंतिम चरण में है:
- ICMR और Panacea Biotec ने मिलकर इसका फेज-3 ट्रायल एनरोलमेंट पूरा किया
- देशभर में 10,335 वॉलंटियर्स इस ट्रायल का हिस्सा बने
- यह भविष्य में डेंगू से बचाव का सस्ता और स्वदेशी विकल्प बन सकती है
मानसून में डेंगू का बढ़ता खतरा
यह मंजूरी ऐसे समय आई है जब देश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं:
- पश्चिम बंगाल में 4 जुलाई तक डेंगू के 2,095 से ज्यादा मामले
- कर्नाटक में पिछले साल के मुकाबले 42% ज्यादा मामले
- दिल्ली में मानसून चरम से पहले ही 171 मामले दर्ज
- जानकारों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के चलते डेंगू अब सिर्फ ‘मानसून सीजन’ की बीमारी नहीं रही, बल्कि लगभग साल भर फैल रही है
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज
वैक्सीन एक बड़ी राहत है, पर विशेषज्ञ याद दिलाते हैं कि बचाव सबसे अहम है — घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। QDENGA की मंजूरी और DengiAll जैसी स्वदेशी वैक्सीन के आने से आने वाले वर्षों में डेंगू पर काबू पाने की उम्मीद मजबूत हुई है।
(यह जानकारी स्वास्थ्य रिपोर्ट्स पर आधारित है; वैक्सीन/इलाज संबंधी निर्णय डॉक्टर की सलाह पर ही लें।)
Sources: Medical Xpress | The Indian Panorama | Al Jazeera

