मुंबई. भारी बारिश के बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर और पानी से होने वाली बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक जरूरी हेल्थ एडवाइजरी** जारी की है और नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। मानसून के इस मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
कितने बढ़े मामले
BMC के आंकड़ों के मुताबिक शहर में बीमारियों में उछाल आया है:
- मलेरिया: 3,115 से बढ़कर 3,681 केस
- डेंगू: 734 से बढ़कर 938 केस
- लेप्टोस्पायरोसिस: 136 से बढ़कर 157 केस
- स्वाइन फ्लू: मामले लगभग तीन गुना बढ़कर 113 तक पहुंचे
BMC ने क्या कदम उठाए
नगर निगम ने बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है:
- 3,000 से ज्यादा निर्माण स्थलों का निरीक्षण, जहां जमा पानी मच्छरों का ठिकाना बनता है
- करीब 8 लाख घरों में फॉगिंग और मच्छर-रोधी कार्रवाई
- नागरिकों से मानसून सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील
बचाव के जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इन बीमारियों से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है:
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें — गमले, कूलर, टायर आदि की सफाई रखें
- मच्छरदानी और मच्छर-रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें
- उबला या साफ पानी पिएं, बाहर का खुला खाना खाने से बचें
- बारिश के गंदे पानी में चलने से बचें (लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा)
- तेज बुखार, बदन दर्द या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, खुद से दवा न लें
गौरतलब है कि विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि अब डेंगू सिर्फ मानसून तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साल भर की चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सतर्कता और साफ-सफाई ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल है।
(यह जानकारी BMC एडवाइजरी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। बीमारी के लक्षण दिखने पर योग्य चिकित्सक से सलाह लें।)
Sources: Nomad Lawyer | Al Jazeera
