धर्म डेस्क. भगवान शिव की भक्ति के पावन महीने सावन का चौथा और आखिरी सोमवार आज, 24 अगस्त 2026 (सोमवार) को है। इस बार सावन में चार सोमवार (3, 10, 17 और 24 अगस्त) पड़े, और आज इसका आखिरी सोमवार है। शिव भक्तों के लिए यह महादेव को प्रसन्न करने का इस साल के सावन का अंतिम खास दिन है। मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। सावन का महीना 28 अगस्त (सावन पूर्णिमा) को समाप्त** होगा, जिस दिन रक्षाबंधन भी है।
सोमवार व्रत का महत्व
- सावन को भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र महीना माना जाता है
- मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान शिव ने इसी महीने विष पान किया था, इसलिए सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व है
- सोमवार शिव का प्रिय दिन है — इसलिए सावन के सोमवार साल के सबसे शुभ व्रत-पूजा दिवस माने जाते हैं
- मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है
जलाभिषेक और पूजा की विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- शिवलिंग पर जल, गंगाजल और दूध से अभिषेक करें
- बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें
- “ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
- व्रत रखने वाले भक्त दिनभर फलाहार करें और शाम को शिव पूजा के बाद व्रत खोलें
आखिरी सोमवार का संदेश
सावन का यह आखिरी सोमवार भक्तों के लिए महादेव से आशीर्वाद पाने का अंतिम अवसर है। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से शिव की आराधना कर रहे हैं। मंदिरों में भीड़ के दौरान अनुशासन और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है। सावन भले ही समाप्ति की ओर है, लेकिन शिव भक्ति का यह भाव भक्तों के मन में साल भर बना रहता है। हर-हर महादेव!
(यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है।)
Sources: Muhurat Choghadiya | Sanatana Journey

