नई दिल्ली। आज पूरे देश में भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जा रहा है। आज सावन पूर्णिमा** भी है, जिसके साथ ही पवित्र सावन मास का भी समापन हो रहा है। सुबह से ही घरों में पूजा की थाली सजने, बहनों के भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और मिठाइयों की मिठास बांटने का सिलसिला शुरू हो गया।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों के बीच स्नेह, सम्मान, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी के बंधन को मजबूत करता है, और राखी का धागा सदियों से रक्षा के पवित्र बंधन का प्रतीक रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को शुभकामना देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और सफलता लेकर आए। उन्होंने कहा, “प्रेम, स्नेह और आपसी विश्वास का यह बंधन हमेशा अटूट बना रहे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी देशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी।
शुभ मुहूर्त में बांधी गई राखी
इस साल रक्षाबंधन के लिए सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक का शुभ मुहूर्त था, जो भद्रा काल की बाधा न होने के चलते बेहद खास रहा। कई बहनों ने इसी खिड़की में भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना की।
सावन का समापन, त्योहारों का सिलसिला जारी
आज सावन पूर्णिमा के साथ सावन मास का भी समापन हो रहा है, जिसके चलते कई परिवारों ने सुबह शिव मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की और फिर घर लौटकर राखी की रस्म पूरी की। रक्षाबंधन के साथ ही अब देशभर में अगले बड़े त्योहार जन्माष्टमी (4 सितंबर) की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी।
देशभर के बाजारों में भी रक्षाबंधन को लेकर बीते कई दिनों से रौनक देखी जा रही थी, जहां राखी, मिठाई और उपहारों की जमकर खरीदारी हुई।
Sources: ANI News | Business Standard

