काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8:40 बजे लेंडे खोला नदी घाटी में अचानक आई पानी, मलबे और चट्टानों की भारी बाढ़ ने पहाड़ी इलाकों के कई गांवों, सड़कों और मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। अब तक नेपाल में कम से कम 469 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी कम से कम 3 लोगों की जान गई है। दोनों देशों को मिलाकर करीब 1500 लोग लापता** हैं, जिनमें 800 से ज्यादा विदेशी नागरिक शामिल हैं।
लापता में सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन के 80 सदस्य
इस हादसे ने भारत को भी गहरे तक झकझोरा है। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन का एक समूह, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहा था, ग्यिरोंग स्थित इमिग्रेशन क्षेत्र में पहुंचा ही था कि बाढ़ ने उस इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। समूह के प्रमुख ने सुबह करीब 9:05 बजे संदेश भेजकर सूचित किया था कि वे इमिग्रेशन पॉइंट पर पहुंच गए हैं — इसके करीब नौ मिनट बाद ही उस क्षेत्र में बाढ़ आ गई। माना जा रहा है कि समूह उस वक्त इमिग्रेशन बिल्डिंग के भीतर ही मौजूद था।
इस समूह में 34 पुरुष और 46 महिलाएं शामिल थीं, जो भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और नेपाल जैसे कई देशों से थीं। भावुक होते हुए सद्गुरु ने भारतीय और चीनी दूतावासों से ग्यिरोंग पहुंचने की अनुमति मांगी है, ताकि वे खुद राहत-बचाव कार्य में शामिल हो सकें। उन्होंने बताया कि भारतीय, चीनी और अमेरिकी दूतावासों की मदद से अनुमति हासिल करने की कोशिशें जारी हैं।
राहत-बचाव अभियान जारी
नेपाल में बचावकर्मी हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे हजारों लोगों तक जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं और जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। यह इलाका ल्हासा (तिब्बत) और काठमांडू (नेपाल) को जोड़ने वाला वह रास्ता है, जहां बड़ी संख्या में ट्रेकर्स और तीर्थयात्री आते-जाते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि तलाशी अभियान फिर से शुरू होने के बाद और शव मिलने की संभावना है।
भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी और राहत कार्यों में मदद के लिए नेपाली और चीनी अधिकारियों के संपर्क में है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में आगे की यात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर एहतियातन रोक लगाई है।
Sources: Al Jazeera | Gulte | CNBC

