काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड की तबाही का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक मृतकों की संख्या करीब 550 तक पहुंच चुकी है, जबकि 1300 से ज्यादा लोग अब भी लापता** हैं। राहत-बचाव अभियान तीसरे दिन भी युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाके और लगातार हो रही बारिश के चलते बचाव दलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ईशा फाउंडेशन समूह में से 3 अमेरिकी सुरक्षित मिले
सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन से जुड़े 80 सदस्यों के समूह को लेकर राहत की खबर है — अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि समूह में शामिल 3 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते वक्त ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर में फंस गया था, जो बाढ़ में पूरी तरह बह गया था।
समूह में शामिल सदस्यों की राष्ट्रीयता के अनुसार ब्योरा इस प्रकार है:
| देश | सदस्य |
|——|——-|
| अमेरिका | 22 |
| कनाडा | 12 |
| ऑस्ट्रेलिया | 11 |
| ब्रिटेन | 9 |
| जर्मनी | 4 |
| फ्रांस, नेपाल | 3-3 |
| नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, स्पेन | 2-2 |
| फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, पुर्तगाल, फिलीपींस, रूस | 1-1 |
समूह के साथ 3 वॉलंटियर और एक डॉक्टर भी शामिल थे। बाकी सदस्यों की तलाश अब भी जारी है और उनकी सुरक्षा को लेकर परिजन और शुभचिंतक बेहद चिंतित हैं।
सद्गुरु का भावुक अपील, राहत कार्य में शामिल होने की मांग
सद्गुरु ने भारतीय, चीनी और अमेरिकी दूतावासों से ग्यिरोंग जाने की अनुमति मांगी है, ताकि वे खुद एक छोटी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान में मदद कर सकें। यह अनुमति मिलने की प्रक्रिया अभी जारी है।
व्यापक स्तर पर राहत अभियान
बचावकर्मी हेलीकॉप्टरों के जरिए दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक राशन और मेडिकल सहायता पहुंचा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जैसे-जैसे तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा, मृतकों की संख्या में और इजाफा होने की आशंका है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों में सहयोग के लिए नेपाली और चीनी प्रशासन के लगातार संपर्क में बनी हुई है।
Sources: CBS News | Business Today

