मथुरा। आज पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उल्लास छाया हुआ है। इस साल खास बात यह है कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का वही दुर्लभ संयोग बना है, जो भगवान कृष्ण के जन्म के समय द्वापर युग में था — ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग करीब 15 साल बाद** बना है।
मथुरा-वृंदावन में अंतिम चरण में तैयारियां
भगवान कृष्ण की क्रीड़ास्थली मथुरा, वृंदावन और गोकुल में जन्माष्टमी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, मथुरा और बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में विशेष सजावट और भव्य श्रृंगार किया गया है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय ब्रज दौरे पर हैं — वे बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि में पूजा-अर्चना करेंगे।
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बस अड्डों और मुख्य मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
पूजा मुहूर्त
रात्रि 11:57 बजे से 5 सितंबर की रात 12:43 बजे तक — करीब 46 मिनट का समय भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की पूजा के लिए शुभ माना गया है। रात 12 बजे मंदिरों में विशेष आरती और झांकी सजाई जाएगी।
PM मोदी और नेताओं की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान कृष्ण की निस्वार्थ कर्म की शिक्षा को आज के समय में भी बेहद प्रासंगिक बताया। देशभर के मंदिरों और सोसाइटियों में झांकियां, दही-हांडी उत्सव और रात्रि जागरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
देशभर में उत्सव का माहौल
दिल्ली, मुंबई, जयपुर समेत सभी बड़े शहरों के इस्कॉन मंदिरों और अन्य कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। महाराष्ट्र में परंपरागत दही-हांडी प्रतियोगिताओं की भी धूम रहेगी।

