हल्द्वानी। हल्द्वानी शुद्धिकरण अनुष्ठान विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी में सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया है। पार्टी ने मुकदमा तुरंत वापस लेने की मांग की है, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार** करते हुए कहा है कि “सोच डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए।”
अब तक क्या हुआ
- 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ हुआ था — मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त की रैली के बाद।
- हल्द्वानी सिटी कोतवाली में जवाहर नगर कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के 29 अगस्त के बयान को लेकर FIR दर्ज हुई।
- FIR में SC/ST एक्ट 1989 की धारा 3(1)(r) और 3(1)(u), साथ ही BNS की धारा 196 और BNSS की धारा 199 लगाई गई है।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (3 सितंबर) को सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया, साथ ही उत्तराखंड सचिवालय तक मार्च भी निकाला।
CM धामी का जवाब
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के विरोध पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नेताओं की “सोच डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए” — यानी राजनीतिक सुविधा के हिसाब से बयान और रुख नहीं बदलने चाहिए। भाजपा नेतृत्व के भीतर भी इस मुद्दे पर रणनीति को लेकर मतभेद देखे गए हैं, कुछ नेताओं ने शुद्धिकरण अनुष्ठान का बचाव जारी रखा है जबकि केंद्रीय नेतृत्व ने दूरी बनाई है।
कांग्रेस की मांगें
1. राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR तुरंत वापस ली जाए।
2. हल्द्वानी में शुद्धिकरण अनुष्ठान आयोजित करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई हो।
पार्टी का कहना है कि यह मामला दलित समुदाय के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है, जबकि सत्तापक्ष इसे राजनीतिक तमाशा बता रहा है।
स्पष्टीकरण
यह मामला अभी विचाराधीन है। दोनों पक्षों के बयान और आरोप-प्रत्यारोप तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किए गए हैं — यह रिपोर्ट किसी भी पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं करती।

