कोलकाता। उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे बांग्लादेश तट पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला है। इसके असर से 10 सितंबर को इस क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बन गया, जिससे पश्चिम बंगाल और ओडिशा** में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की मुख्य चेतावनियां
- मछुआरों को 9 से 11 सितंबर तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर बंगाल की खाड़ी में समुद्र के भीतर न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- 11 सितंबर को समुद्र बेहद अशांत रहेगा — हवा की रफ्तार 35-45 किमी/घंटा से बढ़कर 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
- दक्षिण बंगाल के जिलों में अगले 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट है।
- IMD के मुताबिक 13 सितंबर तक पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और आंधी की स्थिति बनी रह सकती है।
प्रभावित इलाके
| क्षेत्र | संभावित असर |
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| दक्षिण बंगाल | भारी बारिश, गरज-चमक |
| ओडिशा तट | तेज हवा, समुद्र में हलचल |
| उत्तर बंगाल की खाड़ी | 55 किमी/घंटा तक हवा, समुद्र अशांत |
| बांग्लादेश तट | तटीय क्षेत्रों में असर |
प्रशासन की तैयारी
तटीय जिलों में स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों और तटीय निवासियों को सतर्क रहने की अपील की है। मछली पकड़ने वाली नौकाओं को तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं, और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में और मजबूत हो सकता है, जिससे बंगाल और ओडिशा में बारिश की गतिविधि तेज़ बनी रहेगी। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
Sources: Prabhat Khabar | Prabhat Khabar

