नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच गए। एयरपोर्ट पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। आज दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात** होनी है।
समिट की मुख्य बातें
- 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है।
- यह पुतिन का पिछले नौ महीनों में दूसरा भारत दौरा है — इससे पहले वे 5 दिसंबर 2025 को भारत आए थे।
- समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत अन्य सदस्य देशों के शीर्ष नेता भी शामिल हो रहे हैं।
क्यों खास है यह दौरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन युद्ध के बाद यह पहली बार है जब पुतिन भारत के BRICS मंच पर मौजूद रहेंगे। इस मुलाकात पर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक नजरें टिकी हैं, क्योंकि रूस-भारत संबंध पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच भी मजबूत बने हुए हैं।
मोदी-पुतिन मुलाकात में किन मुद्दों पर होगी बात
1. रक्षा सहयोग — नई डिफेंस डील्स और मौजूदा करारों की समीक्षा।
2. ऊर्जा साझेदारी — रूस से कच्चे तेल और गैस आयात से जुड़े मुद्दे।
3. व्यापार विस्तार — द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाई तक ले जाने की योजना।
दिल्ली में हाई अलर्ट
समिट को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है। भारत मंडपम के आसपास ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए हैं, और शहर के प्रमुख मार्गों पर पुलिस-सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है।
आगे क्या
13 सितंबर तक चलने वाले इस समिट में वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर बड़े फैसले होने की उम्मीद है। भारत के लिए यह मेजबानी वैश्विक कूटनीति में उसकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।

