लेह/कारगिल। लद्दाख की प्रमुख मांगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ हुई वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही। इसके बाद लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने 19 से 24 सितंबर तक कारगिल से लेह तक पदयात्रा** निकालने का ऐलान करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या हैं लद्दाख की मुख्य मांगें
1. लद्दाख के लिए विशेष शासन व्यवस्था और अधिक अधिकारों वाली निर्वाचित विधानसभा।
2. संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपाय, ताकि स्थानीय भूमि और संसाधनों की रक्षा हो सके।
3. परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े मुद्दे — निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन पर स्पष्टता।
4. वित्तीय अधिकार — स्थानीय निकायों को अधिक बजटीय स्वायत्तता।
वार्ता में क्या हुआ
गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक में सरकार की ओर से लद्दाख की विशेष परिस्थितियों के अनुरूप ठोस पहल की उम्मीद थी, लेकिन दोनों संगठनों के मुताबिक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे पहले भी लेह एपेक्स बॉडी ने गृह मंत्रालय के साथ बैठक से पहले बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी।
सोनम वांगचुक का बयान
जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने भी लद्दाख की मांगों पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि **अगर एक हफ्ते में ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो वे भी पदयात्रा में शामिल होंगे।
आगे की रणनीति
19 से 24 सितंबर** के बीच होने वाली पदयात्रा में लद्दाख के हजारों निवासियों के शामिल होने की उम्मीद है। संगठनों का कहना है कि अगर इसके बाद भी सरकार का रुख नहीं बदला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने** के बाद से स्थानीय संगठन लगातार अधिक स्वायत्तता और सुरक्षा उपायों की मांग करते रहे हैं। यह मुद्दा बीते कुछ वर्षों में लद्दाख की राजनीति का केंद्रीय विषय बन चुका है।
Sources: Amar Ujala | JBT News

