जयपुर। राजस्थान के ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के तहत हुए नगरीय निकाय चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं। प्रदेश के 309 निकायों के 10,167 वार्डों में हुए मतदान के बाद तस्वीर साफ हो चुकी है — 10 बड़े नगर निगमों में से 4 में भाजपा और 2 में कांग्रेस को बहुमत मिला है, जबकि कई शहरों में निर्दलीय उम्मीदवार किंगमेकर** बनकर उभरे हैं।
जयपुर नगर निगम — भाजपा का स्पष्ट दबदबा
| पार्टी | सीटें |
|——–|——-|
| भाजपा | 78 |
| कांग्रेस | 53 |
| निर्दलीय | 15 |
150 वार्डों में से 146 के नतीजे घोषित हो चुके हैं। 4 वार्डों (9, 18, 25, 34) में EVM खराबी के चलते दोबारा मतदान हुआ, जिनके नतीजे 17 सितंबर को आएंगे।
जोधपुर नगर निगम — कांटे की टक्कर
| पार्टी | सीटें |
|——–|——-|
| कांग्रेस | 44 |
| भाजपा | 44 |
| निर्दलीय | 10 |
100 वार्डों में से 99 के नतीजे घोषित — भाजपा और कांग्रेस दोनों को बराबर 44-44 सीटें मिलीं, जिससे निर्दलीय विधायकों की भूमिका निर्णायक हो गई है। महापौर पद के लिए अब जोड़-तोड़ की राजनीति तेज होने की संभावना है।
चुनाव की पृष्ठभूमि
यह चुनाव दो चरणों में हुआ:
- पहला चरण (9 सितंबर): 162 निकाय, 5,425 वार्ड
- दूसरा चरण (11 सितंबर): 147 निकाय, 4,820 वार्ड
यह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ढाई साल की सरकार के लिए पहला बड़ा राजनीतिक टेस्ट था।
आगे क्या
- 17 सितंबर: बचे हुए वार्डों के नतीजे।
- 21-22 सितंबर: महापौर और उप-महापौर के चुनाव, जहां जोधपुर जैसे बराबरी वाले शहरों में निर्दलीयों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए जमीनी हकीकत का आईना हैं।
Sources: ETV Bharat | India TV

