मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में एक बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA के नेतृत्व वाले सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू** कर दी जाएगी।
क्या कहा अमित शाह ने
अमित शाह ने यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किए गए 30 दिवसीय ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देते हुए की। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- UCC का मतलब है कि धर्म चाहे कोई भी हो, विवाह, तलाक, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में हर नागरिक के लिए एक समान कानून लागू होगा।
- यह कानून NDA शासित सभी 21 राज्यों में क्रमबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
क्यों अहम है यह ऐलान
समान नागरिक संहिता भाजपा के चुनावी घोषणापत्र का दशकों पुराना वादा रहा है। उत्तराखंड पहले ही UCC लागू कर चुका है, और अब इसे व्यापक स्तर पर अन्य भाजपा/NDA शासित राज्यों में लागू करने की योजना है।
समर्थन और विरोध दोनों
| पक्ष | तर्क |
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| समर्थक | सभी नागरिकों के लिए समान कानून, महिला अधिकारों में सुधार |
| विरोधी | धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता पर असर की आशंका |
समान नागरिक संहिता को लेकर देश में लंबे समय से बहस चलती रही है — समर्थकों का कहना है कि यह समानता और न्याय सुनिश्चित करेगा, जबकि आलोचकों का तर्क है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता पर असर पड़ सकता है।
आगे की रणनीति
भाजपा नेतृत्व 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे एक बड़े चुनावी मुद्दे के तौर पर पेश करने की तैयारी में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ऐलान आने वाले राज्य चुनावों में भी भाजपा की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है।
Sources: Times Now Hindi | Haribhoomi

