नई दिल्ली.** चुनाव आयोग (EC) के कामकाज को लेकर छिड़े विवाद में शुक्रवार 9 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया रोकने और “अवैध रूप से” हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं को वापस जोड़ने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख नेता
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस), ममता बनर्जी (TMC), उमर अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस), MA बेबी (CPI-M), डी राजा (CPI), सुप्रिया सुले (NCP-SCP), मनोज झा (RJD), थोल थिरुमावलवन (VCK) और राजीव राय (समाजवादी पार्टी) समेत तमाम विपक्षी नेता इस मुलाकात में शामिल हुए।
ज्ञापन में क्या मांगें
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा
- चुनाव अधिकारियों को लाइफ-लॉन्ग इम्यूनिटी देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करना
- SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकना
- “अवैध रूप से” हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं की सूची में बहाली
- सभी चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान की वापसी
- पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करना, जहां कथित चुनावी धोखाधड़ी के आरोप हैं
अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
राष्ट्रपति भवन या केंद्र सरकार की तरफ से इन मांगों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच विपक्षी दल शनिवार 10 अक्टूबर को आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए फिर बैठक करने वाले हैं, ताकि SIR और EC विवाद पर अगला कदम तय किया जा सके।
पृष्ठभूमि
यह विवाद उस समय और गहरा हुआ जब रिपोर्टों में सामने आया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता जोड़ने-हटाने और चुनावी प्रणाली से जुड़े फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई थी। 2025 से अब तक 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं।
Sources: ThePrint | Business Standard

