नई दिल्ली.** Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहा विवाद अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। INDIA गठबंधन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
किन नेताओं ने की मुलाकात
इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विपक्ष के वरिष्ठ नेता शामिल थे। राष्ट्रपति भवन ने पहले विपक्ष से प्रस्तावित 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को घटाकर 10 सदस्य करने को कहा था, जिसके बाद यह मुलाकात सुबह 10 बजे हुई।
विपक्ष के आरोप
विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं, जिससे गरीब और वंचित तबके के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से कटने का खतरा है। उनका कहना है कि यह “वोट चोरी” जैसी गंभीर समस्या है, जो बढ़ती महंगाई और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
तीसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
इससे पहले विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर गया था। गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने अपना प्रदर्शन गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरने के रूप में जारी रखने का फैसला किया था, जिसके बाद शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की गई।
आगे क्या
राष्ट्रपति भवन की ओर से इस मुलाकात पर अभी कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विपक्ष का कहना है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है, जहां पहले ही CEC और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी हो चुका है।
Sources: Outlook India | Dynamite News

