नई दिल्ली.** Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। BJP सांसद रेखा शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ “एंटी-एस्टैबलिशमेंट फोर्सेज” सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, और उन्होंने इसकी तुलना यूरोप में हुई हाल की अशांति से की।
रेखा शर्मा का बड़ा बयान
रेखा शर्मा ने कहा, “CJP और इसी तरह के संगठन चाहते हैं कि भारत को भी उसी तरह अस्थिर किया जाए।” उन्होंने PM मोदी की तुलना राहुल गांधी के नेतृत्व वाले “विध्वंसकों के समूह” से करते हुए सीधा निशाना साधा — यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद में अब आरोप-प्रत्यारोप का स्तर और तेज हो गया है।
विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन
इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने संसद परिसर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने SIR को “देश के गरीब और बहुजन समाज के वोट काटने का हथियार” बताया, जिससे चुनाव एकतरफा बनाए जाने की कोशिश हो रही है।
थ्रेड अब और उलझा
यह घटनाक्रम दिखाता है कि CEC ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध में बदल चुका है। एक तरफ सत्तापक्ष इसे कानून-व्यवस्था और “विध्वंस” के चश्मे से देख रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है।
आगे क्या
सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही SIR को लेकर CEC और चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी हो चुका है, और अब संसद के भीतर-बाहर दोनों जगह यह मुद्दा गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक खींचतान के और तेज होने की उम्मीद है।
Sources: ANI | Asianet Newsable

