मुंबई.** महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें एक्सपायर, डैमेज्ड और ग्राहकों द्वारा रिजेक्ट किए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट करने के बजाय दोबारा बाजार में बेचने की साजिश सामने आई है। इस ऑपरेशन में करीब ₹33 करोड़ कीमत का एक्सपायर स्टॉक बरामद हुआ है।
कैसे हुआ खुलासा
FDA की भिवंडी यूनिट के कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में 14 और 15 अक्टूबर को राज्यभर में फूड रिटेलर्स, वेयरहाउस और वेस्ट-डिस्पोजल कॉन्ट्रैक्टरों पर समन्वित छापेमारी की गई। जांच में पता चला कि नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर और डैमेज्ड प्रोडक्ट्स को डिस्पोजल एजेंसियों, अनलाइसेंस्ड सॉर्टिंग यार्ड्स और दलालों के जरिए दोबारा रिटेलर्स तक पहुंचाया जा रहा था, जहां से वे सीधे ग्राहकों तक पहुंच रहे थे।
किन कंपनियों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने Reliance Consumer Products, Reliance Retail, Blinkit और Zomato Hyperpure के अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में कुल 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें फूड कंपनियों, वेयरहाउसों, डिस्पोजल एजेंसियों और स्थानीय व्यापारियों से जुड़े लोग शामिल हैं। इसके अलावा कई प्रमुख रिटेलर्स के लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा
यह खुलासा इस बात को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है कि कितने समय से एक्सपायर फूड प्रोडक्ट्स आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे थे। FDA अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के रैकेट से न केवल उपभोक्ताओं की सेहत को खतरा होता है, बल्कि यह फूड सेफ्टी नियमों का भी गंभीर उल्लंघन है।
आगे की कार्रवाई
FDA ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि पैकेज्ड फूड खरीदते समय एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और संदेह होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म या रिटेलर की शिकायत दर्ज करें।
Sources: The CSR Journal | The Print

