कोलकाता.** उत्तर कोलकाता के मशहूर चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। हादसे में 25 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं।
कैसे हुआ हादसा
यह हादसा महा सप्तमी के दिन हुआ, जब पंडाल में भारी भीड़ जुटी थी और बारिश के बीच अचानक भीड़ में उछाल (crowd surge) आ गया। संकरी जगह में एक साथ इतने लोगों के फंसने से भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोग कुचले गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूजा कमेटी के आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों में कमी की बात सामने आ रही है। घटनास्थल पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें तुरंत पहुंचाई गईं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी शोक जताया है। प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवारों को मुआवजे का ऐलान किया जा सकता है।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में भी पश्चिम बंगाल के मंदिरों और पूजा पंडालों में इस तरह की भगदड़ की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे प्रशासन पर सख्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।
Sources: India.com

