पटना.** बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले की जांच में बुधवार को एक बड़ा मोड़ आया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के चेयरमैन और 2013 बैच के IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को करीब 6 घंटे तक पूछताछ के लिए बैठाया।
क्या है आरोप
ED के मुताबिक, जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी टेंडर आवंटन में कहीं हेरफेर हुई या नहीं, और क्या अधिकारियों को ठेकेदारों से निजी फायदा पहुंचा। धर्मेंद्र कुमार से मुख्य रूप से ठेकेदार रिशुश्री के साथ उनके निजी और आर्थिक रिश्तों पर सवाल किए गए। एजेंसी का आरोप है कि “कुमार ने रिशुश्री के पैसों से अपने परिवार की विदेश यात्राओं को फंड किया।”
और कौन-कौन आ चुके हैं जांच के दायरे में
यह घोटाला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। इस हफ्ते ही ED ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया:
| दिन | अधिकारी | पद |
|——|———|—–|
| सोमवार | अभिलाषा शर्मा | IAS अधिकारी |
| मंगलवार | सुनील यादव | विशेष सचिव, श्रम संसाधन विभाग |
| बुधवार | धर्मेंद्र कुमार | चेयरमैन, बिहार स्टेट ब्रिज कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन |
सूत्रों के मुताबिक आगे IAS अधिकारी आनंद किशोर, संतोष मल्ल और योगेश सागर को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
आगे क्या
ED अभी यह जांच कर रही है कि क्या टेंडर आवंटन में अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच निजी रिश्तों ने सरकारी फैसलों को प्रभावित किया। अभी तक किसी भी अधिकारी पर औपचारिक आरोप तय नहीं हुए हैं, जांच जारी है और आने वाले दिनों में और अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है।
Source: Aaj Tak

