पटना.** बिहार विधान परिषद (MLC) की 8 सीटों — 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — पर आज वोटों की काउंटिंग हो रही है। इन सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे, और नतीजे आज, 27 अक्टूबर 2026 को घोषित होने हैं।
सम्राट चौधरी और NDA के लिए क्यों अहम है यह चुनाव
हाल ही में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से मिली हार के बाद यह चुनाव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में NDA के लिए एक और बड़ी राजनीतिक परीक्षा है। अच्छा प्रदर्शन स्नातक और शिक्षक वर्ग के मतदाताओं में समर्थन और गठबंधन की एकजुटता दिखाएगा, जबकि कमजोर नतीजे आंतरिक तालमेल पर सवाल खड़े कर सकते हैं।
तेजस्वी यादव और महागठबंधन की चुनौती
विपक्षी महागठबंधन इस बार साझा उम्मीदवार रणनीति के बिना मैदान में है — RJD, कांग्रेस और वाम दलों ने अलग-अलग सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। अच्छा परिणाम तेजस्वी यादव की शिक्षित वोटरों में पकड़ को साबित करेगा, जबकि खराब नतीजे गठबंधन के भीतर तालमेल की कमी को उजागर कर सकते हैं।
प्रशांत किशोर की जन सुराज के लिए पहला बड़ा टेस्ट
जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर उपचुनाव जीत के बाद सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर बिहार में अपनी राजनीतिक मौजूदगी स्थापित करने की कोशिश की है। यह चुनाव पार्टी के लिए यह जांचने का मौका है कि उपचुनाव की जीत कोई लहर है या सिर्फ एक स्थानीय नतीजा।
आगे क्या
काउंटिंग जारी है और नतीजे आज ही आने की उम्मीद है। तीनों प्रमुख खेमों — NDA, महागठबंधन और जन सुराज — के लिए यह नतीजा 2026 के आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय कर सकता है।
Sources: Aaj Tak

