अहमदाबाद (गुजरात).** गुजरात के अरावली जिले के मालपोर गांव की रहने वाली 3 साल की एक बच्ची की जान बाल-बाल बची, जब खेलते समय उसके मुंह में गया सीताफल (कस्टर्ड एप्पल) का बीज उसकी सांस की नली में जा फंसा।
क्या हुआ था
बच्ची खेल-खेल में सीताफल का बीज मुंह में ले गई, जो गलती से उसकी बायीं मुख्य ब्रोंकस (सांस की नली की एक शाखा) में जा फंसा। इसके बाद बच्ची को लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी की शिकायत होने लगी। परिवार तुरंत उसे इलाज के लिए अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल ले गया।
कैसे हुआ इलाज
अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बिना किसी बड़े ऑपरेशन के “थेरैप्यूटिक ब्रोंकोस्कोपी” तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बीज को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। यह एक खास उपकरण के जरिए सांस की नली के अंदर देखकर रुकावट हटाने की प्रक्रिया है। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के हेड डॉ. राकेश जोशी और एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. सोनल की टीम ने यह प्रक्रिया अंजाम दी।
डॉक्टर की सलाह
डॉ. राकेश जोशी ने माता-पिता को सलाह देते हुए कहा, “छोटे बच्चे खेलते समय अक्सर सिक्के, खिलौनों के टुकड़े, बीज या खाने की चीजें मुंह में डाल लेते हैं। अगर ऐसी कोई चीज सांस की नली में चली जाए, तो स्थिति गंभीर हो जाती है।”
बच्ची अब सुरक्षित
बीज सफलतापूर्वक निकालने के बाद बच्ची की हालत स्थिर हो गई और उसे स्वस्थ हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि छोटे बच्चों को बीज, सिक्के या छोटी चीजों से दूर रखें और खेलते समय उनकी निगरानी करें।
Source: Aaj Tak

