श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर).** जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 19 असंतुष्ट विधायकों ने शुक्रवार शाम श्रीनगर में विधायक कैसर जमशेद लोन के आवास पर बैठक कर कैबिनेट में बड़े फेरबदल की मांग उठाई।
क्या हैं विधायकों की मांगें
जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के इन असंतुष्ट विधायकों ने एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर चार मुख्य मांगें रखी हैं:
1. कैबिनेट फेरबदल — जो मंत्री दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जाए
2. योग्यता आधारित नियुक्ति — मंत्री पद योग्यता के आधार पर दिए जाएं, न कि अन्य आधारों पर
3. क्षेत्रीय संतुलन — जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों को मंत्री पदों में उचित प्रतिनिधित्व मिले
4. विधायकों की भागीदारी बढ़े — सरकार और पार्टी के फैसलों में विधायकों की भूमिका ज्यादा हो
किन करीबियों को हटाने की मांग
असंतुष्ट विधायक CM उमर अब्दुल्ला के दो करीबी — नासिर असलम वानी और सांसद शमीम औबेरॉय — को हटाने की मांग कर रहे हैं। विधायकों का आरोप है कि यह दोनों प्रशासनिक और पार्टी के फैसलों पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव रखते हैं।
बगावत की वजह
27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार में अली मोहम्मद सागर, शमीमा फिरदौस, मीर सैफुल्लाह और अल्ताफ कालू को मंत्री बनाया गया था। इस फेरबदल में कई सीनियर विधायकों को नजरअंदाज किए जाने से नाराजगी बढ़ी, जिसके बाद यह बगावत सामने आई।
आगे क्या
फिलहाल CM उमर अब्दुल्ला या पार्टी नेतृत्व की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। देखना होगा कि पार्टी इस असंतोष को कैसे संभालती है और क्या वाकई कोई कैबिनेट फेरबदल होता है।
Source: Aaj Tak

