नई दिल्ली.** रविवार, 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘वोट बचाओ महारैली’ का आयोजन किया। यह रैली 30 सितंबर को तय किए गए INDIA गठबंधन के संयुक्त कार्ययोजना का हिस्सा है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोट चोरी कराने के आरोप लगाए गए हैं। आयोजकों ने दावा किया कि रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हुए।
क्या हैं मुख्य मांगें
INDIA गठबंधन की इस रैली के केंद्र में दो बड़ी मांगें रहीं:
1. CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा — SIR के दौरान कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर
2. “वोट चोरों” के खिलाफ एकजुटता — कांग्रेस का कहना है कि यह रैली यह संदेश देगी कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है
राहुल गांधी ने रैली से पहले दिल्लीवासियों से विशेष अपील की थी और उन्हें बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया था।
दिल्ली पुलिस की शर्तें
दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में रैली की इजाजत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए दी थी, साथ ही हिंसा और भड़काऊ भाषणों से बचने समेत कुल 13 शर्तें लगाई गई थीं। रैली को शाम 5 बजे तक समाप्त करने का निर्देश दिया गया था।
पृष्ठभूमि
यह रैली चुनाव आयोग की विवादित SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के महीनों लंबे विरोध की अगली बड़ी कड़ी है, जो सितंबर-अक्टूबर में दिल्ली में कई छोटे प्रदर्शनों के बाद अब एक राष्ट्रीय स्तर की महारैली के रूप में सामने आई है।
आगे क्या
फिलहाल चुनाव आयोग या BJP की तरफ से रैली पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विपक्ष का दावा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह जारी रहेगा।

